आरती उतारी, लगाया विशेष भोग… अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ, राम मंदिर में हुए खास आयोजन
Second Anniversary of the Ram Temple
Second Anniversary of the Ram Temple: अयोध्या राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर आज भव्य आयोजन हो रहा है। समारोह में शामिल होने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंच गए हैं। यहां पहुंचते ही राजनाथ और सीएम योगी ने पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन किया। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला की पूजा की।
अंगद टीला परिसर में निर्मित रामकथा पंडाल में आयोजित समारोह में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में परकोटे में निर्मित छह मंदिरों में से एक मां अन्नपूर्णा के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण भी किया। जिस तकनीकी से राम लला के मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हुआ था, उसी तकनीक से माता अन्नपूर्णा मंदिर के भी शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। चार घंटे तक राजनाथ और सीएम योगी की यहां मौजूदगी रहेगी। इस दौरान एयरपोर्ट से राम मंदिर तक सख्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पांच जोन और दस सेक्टर में मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस अफसर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के पांच दिवसीय समारोह में मंगलवार को यज्ञशाला में तत्वकलश, तत्वहोम, कलशाधिवासहोम अनुष्ठान हुए।
समारोह में संत महंत समेत 5000 से अधिक आमंत्रित किए गए हैं। भव्य मंदिर में तिथि के अनुसार यह दूसरी वर्षगांठ मनाई जा रही है। प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर चल रहे पातोत्सव के अंतर्गत यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन ही 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इसके पहले सुबह 9:30 बजे ही वैदिक मंत्र उपचार के बीच रामलला का अभिषेक कराया गया। यज्ञ, हवन, और पूजन की प्रक्रिया सुबह ही शुरू हो गई थी। मंडप पूजन की भी पूर्णाहुति कर दी गई। मुख्यमंत्री एवं रक्षा मंत्री के आगमन के चलते एयरपोर्ट से लेकर राम मंदिर परिसर तक 5 जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई है । सभी जोन की कमान एडिशनल एसपी स्तर के अफसर को दी गई है।
संगीत और नृत्य शैली में मंचित हुई रामलीला
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के मंच पर प्रस्तुत रामलीला पारम्परिक मंचन से हटकर विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। दो दिवसीय मंचन के पहले दिन रामचरितमानस व वाल्मीकि रामायण के प्रसंगों को शामिल करते हुए इसका प्रस्तुतिकरण गायन एवं नृत्य शैली में हुआ। अंगद टीला परिसर में बने समारोह मंच पर सोमवार को बेंगलुरु निवासिनी व बोस्टन में पेशे से इंजीनियर डॉ संगीता मनीष ने कुची पुड़ी नृत्य शैली में प्रभु श्रीराम के भूलोक पर अवतरण से लेकर रावण वध एवं श्रीराम राज्याभिषेक तक की मोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। उनकी चपलता, भाव प्रवणता के साथ अलग-अलग प्रसंगों के अनुसार मुद्रा दर्शक टकटकी लगाकर देखते रह गये।
इसी तरह दूसरी प्रस्तुति में डा. मनीषा ने कृष्ण तरंगम के माध्यम से कृष्ण कथा को नृत्य शैली में प्रस्तुत किया और भक्ति की धारा में दर्शकों को बहने पर मजबूर कर दिया। इसी क्रम में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ से जुड़ी छात्र-छात्राओं द्वारा रामलीला का मोहक मंचन किया गया। प्रस्तुति का प्रारम्भ डॉ मुरली मनोहर द्वारा परिचय के साथ हुआ। रावण के आतंक से त्रस्त सभी देवताओं ने स्वर्ग लोक में श्रीहरि से निवेदन किया औऱ राम कथा के दृश्य का मंचन शुरू हुआ। विभिन्न दृश्यों में क्रमशः पुत्र कामेष्टि यज्ञ, राम जन्म एवं नामकरण संस्कार, शिक्षा ग्रहण, ताड़का वध, सीता स्वयंवर एवं परशुराम संवाद, कैकई-मंथरा संवाद, वन गमन, केवट संवाद, कैकई-भरत संवाद, भारत मिलाप, सुर्पणखा प्रसंग, सीता हरण तक जीवंत मंचन हुआ। मंचन का प्रमुख आकर्षण यह रहा कि अलग-अलग प्रसंगों में कलाकार जिस दृश्य को मंचित कर रहे थे, पर्दे पर पीछे वह दृश्य एआई के माध्यम से भी प्रस्तुत किया जा रहा था।